Vishnu Ka Sushasan: ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ बनी ग्रामीणों के लिए वरदान, साय सरकार के प्रयासों से दुर्गम इलाकों तक सुगम हुआ आवागमन

Chhattisgarh Mukhya Mantri Bus Yojana: मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से बस्तर और सरगुजा के दूरस्थ गांवों को सुरक्षित परिवहन सुविधा मिली।

Vishnu Ka Sushasan: ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ बनी ग्रामीणों के लिए वरदान, साय सरकार के प्रयासों से दुर्गम इलाकों तक सुगम हुआ आवागमन

Chhattisgarh Mukhya Mantri Bus Yojana || Image- CG DPR File

Modified Date: February 19, 2026 / 05:10 pm IST
Published Date: February 18, 2026 2:06 pm IST
HIGHLIGHTS
  • छग सरकार की महत्वाकांक्षी “मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना”
  • ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए बने वरदान
  • अंदरूनी क्षेत्र के लोगों के लिए आसान हुआ आवागमन

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया, विष्णुदेव साय प्रदेश में सर्ववर्गीय विकास और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। शहरी क्षेत्र के साथ ही राज्य के संवेदनशील मुख्यमंत्री साय ग्रामीण क्षेत्रों तक भी सरकार के महत्वकांक्षी योजनाओं को पहुँचाने के लिए सतत प्रयासरत और संकल्पबद्ध है। इसी कड़ी में सरकार की ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ अब दुर्गम और पहुंचविहीन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है।

छत्तीसगढ़ सरकार की “मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना” का उद्देश्य दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित और सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। खासतौर पर बस्तर और सरगुजा जैसे इलाकों में यह योजना ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। (Chhattisgarh Mukhya Mantri Bus Yojana) इसके जरिए गांवों को जिला मुख्यालय, अस्पताल, स्कूल और रेलवे स्टेशन से जोड़ा जा रहा है, जिससे लोगों की दैनिक जरूरतें पूरी करना आसान हो गया है।

सुगम हुआ ग्रामीणों का आवागमन

सरगुजा जिले के कई दूरदराज गांवों-जैसे बादा, बरियों, चारपारा, ककना, सिधमा, अखोराखुर्द, रूखपुर, चिखलाडीह, नर्मदापारा, सरगवां और अंबिकापुर—तक बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। विष्णु देव साय की पहल से इन क्षेत्रों में परिवहन की समस्या काफी हद तक दूर हुई है, जहां पहले आवाजाही एक बड़ी चुनौती हुआ करती थी।

इस योजना से लोगों का सफर आसान हुआ है और समय की भी बचत हो रही है। इस सेवा का लाभ ले रहें, ग्रामीण इलाकों के कई शासकीय कर्मचारियों ने बताया कि पहले समय पर ड्यूटी पहुंचना और सुरक्षित घर लौटना मुश्किल था, लेकिन अब बस सेवा शुरू होने से उनकी परेशानी दूर हो गई है। पहले उनके इलाके में आने-जाने के साधन बेहद सीमित थे, लेकिन अब नियमित बस सेवा से उनका कामकाज सुगम हो गया है।

दफ्तर, स्कूल, कॉलेज पहुँचने में सहूलियत

छात्र-छात्राओं के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें बस पकड़ने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था, (Chhattisgarh Mukhya Mantri Bus Yojana) लेकिन अब बस उनके घर के पास से ही मिल जाती है, जिससे पढ़ाई में भी सहूलियत हो रही है। इसी तरह पीजी कॉलेज की छात्रा निशा ने बताया कि पहले उसे 5 किलोमीटर पैदल चलकर बस पकड़नी पड़ती थी, लेकिन अब गांव से ही बस मिलने से उसका सफर आसान हो गया है।

ग्रामीणों को अब लंबी दूरी पैदल चलने या बाइक से सफर करने की मजबूरी से भी राहत मिली है। सिदमा गांव के निवासी दिव्यांशु सिंह ने बताया कि पहले उन्हें रोजाना कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था, लेकिन अब बस सेवा शुरू होने से वे समय पर स्कूल पहुंच पा रहे हैं और उनकी दिनचर्या बेहतर हो गई है।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने दूरस्थ गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। इस सेवा से शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार जैसी सुविधाओं तक पहुंच आसान हुई है। आज सरगुजा के वनांचल क्षेत्रों में दौड़ती बसें न केवल परिवहन का साधन हैं, (Chhattisgarh Mukhya Mantri Bus Yojana) बल्कि प्रदेश में बढ़ते विकास और बेहतर शासन का प्रतीक भी बन चुकी हैं।

छत्तीसगढ़ में आवागमन के साधन

गौरतलब है कि, नए गठन के बाद छत्तीसगढ़ में आवागमन के सुविधाओं में विस्तार हुआ है। खासकर तत्कालीन डॉ रमन सिंह की सरकार और मौजूदा विष्णुदेव साय की सरकार ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में सड़कों से जुड़े कार्यों को पूरी प्राथमिकता के साथ पूरा कराया है।

बात करें छत्तीसगढ़ प्रदेश की तो सड़कों के अलावा प्रदेशवासियों के लिए वर्तमान में रेलमार्ग और हवाईमार्ग की सुविधाएँ उपलब्ध है। रेलमार्ग में रायगढ़, सक्ती, चाम्पा, जांजगीर, बिलासपुर,भाटापारा, तिल्दा-नेवरा, रायपुर, भिलाई, दुर्ग, राजनांदगाँव, डोगरगढ़, उसलापुर, कोटा, बेलगहना और पेंड्रारोड में सर्वसुविधायुक्त रेलवे स्टेशन है। इन स्टेशनों से यात्री देश के किसी भी हिस्से के लिए पूरी रेलयात्रा कर सकते है। (Chhattisgarh Mukhya Mantri Bus Yojana) इसी तरह बात अगर हवाई मार्ग की करें तो रायपुर में स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्री हवाई अड्डे से भी हर दिन देश के बड़े शहरों के लिए विमा सेवाएं संचालित है। रायपुर के अलावा उड़ान योजना के तहत बिलासपुर और अंबिकापुर के दरिमा से भी कई राज्यों के बड़े शहरों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

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